पावरकॉम को नहीं मिली एडवांस में सब्सिडी
उप मुख्य संवाददाता, पटियाला
: कृषि क्षेत्र, अनुसूचित जाति व घरेलू क्षेत्र के अन्य वर्गो को मुफ्त बिजली देने के बदले में पंजाब सरकार द्वारा पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड को हर माह एडवांस में दी जाने वाली सब्सिडी का भुगतान न किए जाने की सुनवाई अब पंजाब स्टेट इलेक्टि्रसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन (पीएसईआरसी) करने जा रहा है। पीएसईआरसी ने इसके लिए 20 सितंबर की तारीख तय की है। सरकार द्वारा पावरकॉम को सब्सिडी न दिए जाने पर सरकार के खिलाफ पीएसईआरसी के पास जुलाई के आरंभ में पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के ही एक पूर्व सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर गुरनेक सिंह बराड़ ने याचिका दायर कर मांग की थी कि या तो सरकार सब्सिडी की राशि एडवांस में पावरकाम को दे अन्यथा उपभोक्ताओं से पूरा शुल्क वसूलने के लिए आदेश जारी करे। चालू वित्तीय वर्ष के लिए इसी साल नौ मई को जारी किए गए शुल्क आदेश में कृषि व विभिन्न प्रकार के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 4188.92 करोड़ रुपये की सालाना सब्सिडी बनती है। जिसे अग्रिम मासिक किश्तों में दिया जाना है। इसी स्थिति में सरकार मुफ्त में बिजली दे सकती है। इसके विपरीत राज्य सरकार ने 24 मई को एक अन्य आदेश जारी कर 981.93 करोड़ रुपये पिछले बकाए के रूप में एडजस्ट कर चुकी है। गुरनेक सिंह ने पीएसईआरसी के आदेशों का हवाला देकर याचिका में कहा है कि हर माह सरकार द्वारा 349.08 करोड़ रुपये एडवांस सब्सिडी के रूप में दिए जाने होते हैं। बिजली अधिनियम 2003 की धारा 65 के अनुसार यदि एडवांस में सरकार सब्सिडी की राशि नहीं देती तो पीएसईआरसी सब्सिडी वापस लेने और पूरा शुल्क लगाने के आदेश जारी कर सकता है। 13 सितंबर, 2007 के आदेश में पीएसईआरसी ने कहा कि सब्सिडी का अग्रिम भुगतान कानूनन जरूरी है। जबकि लोन के खिलाफ सब्सिडी एडजस्ट करने की बात कहीं नहीं आती। भारत सरकार की योजना के अनुसार पीएसईबी के केंद्रीय कंपनियों पर पड़े बकाए के लिए लंबे समय के बांड जारी करने को अधिकृत किया था और ये राशियां एक अक्टूबर, 2001 से पहले की हैं। अब त्रिपक्षीय समझौते के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता। 981.93 करोड़ रुपये का एडजस्ट किया जाना पावरकॉम के आर्थिक हालात और गड़बड़ करेगा। कब कितना मिला अप्रैल, 2011 में 190 करोड़ रुपये मई, 2011 में 190 करोड़ रुपये जून, 2011 में 282 करोड़ रुपये जुलाई, 2011 में 142 करोड़ रुपये।